Third Eye Today News

विधानसभा में उठा कंपनियों के CSR फंड का मुद्दा, कम्पनियां नहीं कर पाएंगी मनमानी

Spread the love

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान मल्टीनेशनल और सीमेंट कंपनियों द्वारा प्रदेश से बाहर खर्च किए जा रहे कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड का मुद्दा उठाया गया। अर्की से कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि उनके क्षेत्र में स्थित अल्ट्राटेक और अंबुजा सीमेंट कंपनियां पर्यावरण और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही हैं, लेकिन उनका सीएसआर फंड स्थानीय जनता की भलाई के लिए नहीं खर्च हो रहा। उन्होंने मांग की कि फंड के खर्च में स्थानीय लोगों और विधायकों की राय को शामिल किया जाए।

इस पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यह सच है कि कंपनियां हिमाचल की बजाय अन्य राज्यों में अपना सीएसआर फंड खर्च कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में अंबुजा कंपनी ने 5.38 करोड़ और अल्ट्राटेक ने 93.97 लाख रुपये सीएसआर में खर्च किए हैं, लेकिन प्राथमिकता स्थानीय जरूरतों की बजाय अन्य क्षेत्रों पर रही। मंत्री ने कहा कि कंपनियों को अपने शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करना अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश कंपनियां इसका पालन नहीं करतीं।

        मंत्री ने कहा कि अगर कोई कंपनी पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती है तो इसकी लिखित शिकायत मिलने पर सरकार जांच कर कार्रवाई करेगी। अल्ट्राटेक और अंबुजा की जांच भी करवाई जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि सीमेंट कंपनियां रात में धूल छोड़ती हैं, जिससे आसपास के लोग प्रभावित होते हैं। बिलासपुर और दाड़लाघाट की सीमेंट कंपनियां भी सीएसआर फंड का सही इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। दून से विधायक राम कुमार और बिलासपुर सदर से त्रिलोक जमवाल ने भी कहा कि फंड का खर्च वहीं होना चाहिए जहां कंपनियां स्थापित हैं।

      उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया कि अब कंपनियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे सीएसआर फंड हिमाचल में ही खर्च करें और जिला प्रशासन स्थानीय विधायकों की राय के अनुसार इसका उपयोग करे। यदि कंपनियां लापरवाही करेंगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

     इसके अलावा मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल 2023 से 20 अगस्त 2025 तक प्रदेश में अवैध खनन के 21,182 मामले पकड़े गए और दोषियों से 13.95 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में मुख्य और लघु खनिजों की रॉयल्टी दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक