राज्य में पहली बार बनेगी पोषण नीतिः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की पहली पोषण नीति बनाएगी, ताकि लोगों को समग्र रूप से लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कई पोषण और खाद्य सुरक्षा योजनाएं चला रही है, जैसे एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस), मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को ध्यान में रखते हुए न्यूट्रिशनल प्रोफाइलिंग बहुत जरूरी है। इससे लोगों को भोजन में मौजूद पोषक तत्वों, कैलोरी और फूड फोर्टिफिकेशन के बारे में जागरूकता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नीति को अंतिम रूप देने से पहले राज्य में पोषण और खाद्य परीक्षण से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किया जाएगा और नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। पहले चरण में कांगड़ा जिले में नई लैब बनाई जाएगी। आने वाले वर्षों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी क्षेत्रीय टेस्टिंग लैब स्थापित होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिले के बद्दी में नई प्रयोगशालाएं खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि कंडाघाट लैब को मजबूत करने के लिए 8.50 करोड़ रुपये और कांगड़ा में फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने के लिए 25 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रयोगशालाओं के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव जितेंद्र सांजटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
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