बोर्ड के कर्मचारी-पेंशनर ही बिजली मीटरों को बदलने के विरोध में उतरे
बिजली बोर्ड के कर्मचारियों-पेंशनरों के बिजली मीटरों को प्राथमिकता में बदलने के निर्देश का कर्मचारियों-पेंशनरों ने विरोध जताया है। हिमाचल बिजली बोर्ड के कर्मचारियों-पेंशनरों के बिजली मीटरों को प्राथमिकता में बदलने के निर्देश का कर्मचारियों-पेंशनरों ने विरोध जताया है। विरोधस्वरूप मुख्य अभियंता कार्यालय मट्टनसिद्ध के बाहर कर्मचारियों और पेंशनरों ने प्रदर्शन किया। बिजली बोर्ड हमीरपुर जोन के मुख्य अभियंता (संचालन) के जारी पत्र में बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के पुराने बिजली मीटरों को प्राथमिकता के आधार बदलने के निर्देश हैं। प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नीतीश भारद्वाज, पूर्व प्रधान कामेश्वर दत्त शर्मा, हीरा लाल वर्मा, बिजली पेंशनर्ज फोरम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा आदि ने संबोधन किया। उन्होंने मुख्य अभियंता के निर्देशों के साथ स्मार्ट बिजली मीटर का विरोध किया।उन्होंने बताया कि आज बिजली कर्मचारी एवं अभियंता राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। यह महंगी एवं आम जनता के लिए अनावश्यक तकनीक है। इसे प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 के माध्यम से निजीकरण एवं निजी कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बोर्ड प्रबंधन निजी कंपनी के हित को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर को पूरे प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं पर लागू कर रहा है। इससे लगभग 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उत्पन्न हुआ है। इसकी भरपाई उपभोक्ताओं से बिजली बिलों के माध्यम से की जाएगी। यूनियन एवं पेंशनर फोरम ने मांग की है कि कर्मचारियों व पेंशनरों के घरों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर स्थापित करने संबंधी भेदभावपूर्ण कार्यालय आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने बताया कि यदि बोर्ड प्रबंधन कार्यालय आदेश को वापस नहीं लेती है तो नौ मार्च को मुख्य अभियंता परिचालन धर्मशाला में विरोध में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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