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बाहरी राज्यों की वोल्वो बसों की पार्किंग पर भड़की HRTC यूनियन, शिमला ओल्ड बस स्टैंड पर चक्का जाम

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राजधानी शिमला में बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसों की कथित मनमानी पार्किंग को लेकर एचआरटीसी (HRTC) ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। यूनियन के बैनर तले ड्राइवरों और कंडक्टरों ने वीरवार को ओल्ड बस स्टैंड शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप बस स्टैंड परिसर में चक्का जाम कर दिया।

यूनियन का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसें शहर में सड़क किनारे और एचआरटीसी के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे निगम की बसों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने बताया कि इस समस्या को लेकर करीब एक सप्ताह पहले एचआरटीसी प्रबंधन, उपायुक्त शिमला और पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि शिमला में क्रॉसिंग से लेकर लालपानी तक सुबह 4 बजे से देर रात तक बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें एचआरटीसी की निर्धारित पार्किंग जगहों पर खड़ी रहती हैं और रास्ते में जगह-जगह सवारियां भी उठाती हैं। इसके कारण लंबी दूरी से आने वाली एचआरटीसी बसों को बस स्टैंड में खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती।

मानसिंह ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और निगम प्रबंधन के सामने उठाया गया है, लेकिन अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एचआरटीसी के लिए पार्किंग की जगह निर्धारित की गई थीं, इसके बावजूद उन स्थानों पर बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें खड़ी रहती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि वहां निजी वाहन या टैक्सी खड़ी हों तो बात समझ में आती है, लेकिन वोल्वो बसों का पार्क होना और उस पर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। इसी के विरोध में यूनियन को धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा और दोबारा चक्का जाम किया जाएगा।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक