
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा की जान चली गई। छात्रा अपने छोटे भाई को स्कूल छोड़ने के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी, तभी यह हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और नाबालिग को वाहन देने के मामले में परिजनों के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
हादसा सुबह करीब 8:50 बजे बद्दी के पुराने बस अड्डे के समीप हुआ। मृ-तक छात्रा गुड़िया अपने पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले छोटे भाई हरिकेश को निजी स्कूल छोड़कर वापस लौट रही थी। इसके बाद उसे खुद भी स्कूल जाना था। बद्दी अस्पताल की ओर उतराई वाले संपर्क मार्ग पर स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार स्कूटी पहले एक निजी वाहन से टकराने से बची, लेकिन फोरलेन पर चल रहे ट्राले के पिछले हिस्से से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छात्रा के सिर से हेलमेट निकल गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के तुरंत बाद ट्राला चालक छात्रा को उठाकर नजदीकी अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृ-त घोषित कर दिया।
मृत*-क छात्रा के पिता पवन कुमार बिहार के बजीरगंज थाना क्षेत्र के आरोपुर गांव के निवासी हैं और बद्दी में राजमिस्त्री का काम करते हैं। छोटा भाई बद्दी की पुरानी सब्जी मंडी के पास स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है।
यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। महज 13 साल की बच्ची लंबे समय से स्कूटी चला रही थी, लेकिन न तो परिजनों ने इसे रोका और न ही पुलिस ने कभी कार्रवाई की। नियमों के अनुसार नाबालिग का वाहन चलाना कानूनन अपराध है।
एएसपी बद्दी अशोक धीमान ने बताया कि ट्राले के साथ स्कूटी की टक्कर में छात्रा की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि नाबालिग को वाहन देने के मामले में कानून के तहत परिजनों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा।
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