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नौणी विश्वविद्यालय में गूंजेगी पंच-किक की धमक -आज से शुरू जूनियर नेशनल किक बॉक्सिंग टूर्नामेंट

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जिला सोलन के वाईएस परमार विश्वविद्यालय, नौणी में बुधवार से जूनियर नेशनल किक बॉक्सिंग टूर्नामेंट की जोरदार शुरुआत हो रही है। देश के 28 राज्यों से 1000 से ज्यादा खिलाड़ी यहां पहुंचे हैं। मंगलवार को दिनभर उनका वेट, मेडिकल और फॉर्म अटेस्टेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। यह प्रतियोगिता वाको इंडिया किक बॉक्सिंग के बैनर तले हो रही है, जिसकी मेजबानी अमेच्योर किक बॉक्सिंग एसोसिएशन हिमाचल कर रही है। हिमाचल एसोसिएशन के वर्किंग प्रेजिडेंट पुनीत वर्मा और जनरल सेक्रेटरी डॉ. संजय यादव ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टूर्नामेंट का शुभारंभ बुधवार को जबकि समापन शनिवार को होगा। डॉ संजय यादव ने बताया की 15 से 18 आयु वर्ग की इस जूनियर प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपनी कला का प्रदर्शन पॉइंट फाइट, लो किक और फुल कॉन्टैक्ट जैसी विभिन्न श्रेणियों में करेंगे। टूर्नामेंट में सबसे अधिक प्रतिभागी हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र से पहुंचे हैं।
पांच दिवसीय इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि विजेता खिलाड़ियों का चयन एशियन टूर्नामेंट और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए होगा। यही वजह है कि खिलाड़ियों में जोश और ऊर्जा चरम पर है। विश्वविद्यालय का परिसर खेलमय माहौल में डूबा हुआ है और हर तरफ किक बॉक्सिंग का जुनून साफ झलक रहा है। आयोजक कमेटी सदस्य तिलक राज शर्मा, अनिल शर्मा, गोपाल, अखिल ने सफल आयोजन में ताकत झोंकी है।


खूबसूरत प्रदेश का नौणी विश्वविद्यालय बेहद खूबसूरत जगह पर है। यहाँ टूर्नामेंट के आयोजन और माहौल से सभी खिलाड़ी उत्साहित हैं। किक बॉक्सिंग भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त खेल महासंघ है। वाको किक बॉक्सिंग वर्ल्ड किक बॉक्सिंग आर्गेनाइजेशन से मान्यता प्राप्त है। साल 2021 में किक बॉक्सिंग को अंतराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति ने पूर्ण मान्यता दी थी। इसके बाद उसी वर्ष खेल मंत्रालय भारत सरकार ने भी इसे अनुमति दी। तब से लेकर पूरे देश में किक बॉक्सिंग का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। हमारे खिलाड़ी एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप से पदक जीतकर आ रहे है। नौणी में हो रहा टूर्नामेंट बहुत महत्वपूर्ण है। यहां से जीतने वाले खिलाड़ी एशियन टूर्नामेंट में भाग लेंगे। हमें पूरी उम्मीद है की टूर्नामेंट बेहतरीन होगा और सभी खिलाड़ी यहां से मीठी यादें लेकर जाएंगे।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक