जोगिंद्रनगर के कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को शौर्य चक्र, आतंकी मुठभेड़ में दिखाया था अदम्य साहस
हिमाचल प्रदेश के जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत दारट बगला के निवासी और भारतीय सेना में जम्मू-कश्मीर में तैनात कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को देश के राष्ट्रपति की ओर से शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें आतंकवाद के खिलाफ अभियान के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के लिए प्रदान किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 जुलाई 2025 को भारतीय सेना को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी और बड़े हमले की आशंका जताई गई थी। इसके बाद कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को आतंकवादी संगठन के खिलाफ एक विशेष अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई। 26 जुलाई 2025 को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के एक दूरदराज और दुर्गम क्षेत्र में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस कार्रवाई से देश की आंतरिक सुरक्षा पर मंडरा रहे बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया।कैप्टन योगेंद्र ठाकुर की इस वीरता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की है। इस सम्मान की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव दारट बगला सहित पूरे जोगिंद्रनगर क्षेत्र, प्रदेश और देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और शुभचिंतक उनके घर पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं और उनकी बहादुरी पर गर्व जता रहे हैं। कैप्टन योगेंद्र ठाकुर के पिता अनिल ठाकुर प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि माता बीना देवी गृहणी हैं। साधारण परिवार से निकलकर सेना में देश की सेवा कर रहे योगेंद्र ठाकुर आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। सरस्वती विद्या मंदिर से उच्च कक्षाओं तक शिक्षा प्राप्त करने वाले योगेंद्र ठाकुर की इस उपलब्धि पर स्कूल में भी उत्साह का माहौल है। स्कूल प्रबंधक अश्वनी सूद और प्रधानाचार्य नवीन शर्मा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि योगेंद्र ने न केवल स्कूल बल्कि पूरे जोगिंद्रनगर और हिमाचल प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है।
![]()
