Third Eye Today News

जन्मदिन से लौटते वक्त आधी रात को खाई में गिरी कार, दंपती की मौ..त

Spread the love

शिमला ज़िले के रामपुर थाना क्षेत्र में आधी रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाकर लौट रहे पति-पत्नी की कार गहरी खाई में गिर गई। गंभीर रूप से घायल दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हादसे से दो नाबालिग बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है।

पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को थाना रामपुर में दुर्घटना को लेकर मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता हुकम चंद, निवासी मकरोली (डांसा), ने बताया कि 29 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे उन्होंने घर पर वाहन के सड़क से नीचे गिरने की आवाज सुनी। वह अपने भाई मोती लाल के साथ करीब 150 मीटर दूर पहुंचे तो एक क्षतिग्रस्त आल्टो के-10 कार (HP 92-3665) खाई में गिरी मिली। कार के पास 36 वर्षीय प्यारे लाल और उनकी 32 वर्षीय पत्नी सुनीता गंभीर हालत में पड़े थे।

पुलिस के अनुसार दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।  इस हादसे ने इसलिए भी सबको झकझोर दिया क्योंकि दंपती अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे का शिकार हुई दम्पति के दो बच्चे हैं—एक 12 साल का बड़ा बेटा और 8 साल का छोटा बेटा। इस दुर्घटना ने दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया छीन लिया है।

हालांकि, इस हादसे के बीच एक चमत्कारी पहलू भी सामने आया। 8 साल का छोटा बेटा उस रात माता-पिता के साथ जन्मदिन समारोह में गया था, लेकिन लौटते समय वह उनके साथ कार में नहीं आया। उसे वह अपने ताया के साथ अलग से घर लौटना था। इसी वजह से वह हादसे का शिकार होने से बच गया। जबकि बड़ा बेटा उस समय घर पर ही मौजूद था।
गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर है। हर कोई इस असमय मौत से स्तब्ध है और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जता रहा है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक