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क्या है शिमला में “किन्नर के भेष” में घूम रहे व्यक्ति का सच, पुलिस जांच में आया सामने

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शिमला में एक व्यक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के बाद पुलिस ने मामले की जांच की है। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि एक व्यक्ति किन्नर का भेष बनाकर मंदिरों और बाजारों में घूम रहा है और लोगों से पैसे ऐंठ रहा है। इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस ने तथ्यों की जांच की, जिसमें कई बातें स्पष्ट हुई हैं।

जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति की पहचान इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के राजशाही का रहने वाला है। वह वर्तमान में शिमला स्थित एपीजे यूनिवर्सिटी में बीजेएमसी (BJMC) का छात्र है और वर्ष 2024 से 2028 तक का कोर्स कर रहा है। पुलिस के अनुसार उसके सभी दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट, स्टडी वीजा और अन्य पहचान पत्र, पूरी तरह वैध पाए गए हैं।किन्नर के भेष को लेकर पूछताछ में व्यक्ति ने बताया कि वह खुद को किन्नर समुदाय से जुड़ा मानता है और काली माता का भक्त है। इसी कारण वह कालीबाड़ी मंदिर, जाखू मंदिर और नवरात्र के दौरान अन्य धार्मिक स्थलों पर जाता रहा है। सबसे अहम बात यह रही कि पुलिस को अब तक किसी भी व्यक्ति द्वारा जबरन पैसे ऐंठने की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। पूछताछ में उसने कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से कुछ देता है, तो वह उसे स्वीकार कर लेता है, लेकिन किसी से जबरदस्ती नहीं करता।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया पर किए जा रहे कई दावे साबित नहीं हुए हैं। हालांकि, मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच अभी जारी है ताकि सभी पहलुओं को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।

इस मामले पर जयराम ठाकुर ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि कोई विदेशी नागरिक इस तरह मंदिरों में घूम रहा है तो इसकी गहन जांच जरूरी है, क्योंकि यह सुरक्षा से जुड़ा मामला भी हो सकता है। वहीं हरीश जनारथा ने भी कहा कि यदि वीजा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, फैक्ट चेक में यह सामने आया है कि वायरल दावों में पूरी सच्चाई नहीं है। व्यक्ति की पहचान और दस्तावेज सही पाए गए हैं और जबरन पैसे वसूली का आरोप अब तक साबित नहीं हुआ है। यानी मामला जांच के दायरे में जरूर है, लेकिन फिलहाल कोई आपराधिक गतिविधि साबित नहीं हुई है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक