
हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी जोरों पर है। ऐसे में कालका-शिमला ट्रैक पर पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है।बारिश और बर्फबारी के बीच कालका-शिमला विश्व धरोहर ट्रैक पर पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। सनवारा, कुमारहट्टी और जतोग के जंगलों में ट्रेनों की आवाजाही काफी देर तक रुक गई। इसके कारण तीन ट्रेनें तीन से चार घंटे देरी से शिमला रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जबकि एक ट्रेन एक घंटे लेट हुई।हिमालयन क्वीन को कालका से शिमला के लिए 35 मिनट की देरी से रवाना किया गया, लेकिन यह ट्रेन सनवारा के जंगलों में करीब 30 मिनट तक फंसी रही। ऐसे में शिमला पहुंचते-पहुंचते यह ट्रेन भी करीब एक घंटा लेट हो गई। देरी से शिमला पहुंचने के बाद डाउन ट्रेनें भी देरी से रवाना की गईं। रेलवे बोर्ड ने मौसम को देखते हुए ट्रेनों को री-शेड्यूल भी किया। पेड़ और पत्थर गिरने के बाद रेलवे टीम ने मुस्तैदी से काम किया और ट्रेनों में सवार यात्रियों को सुरक्षित शिमला पहुंचाया।
ये ट्रेनें हुईं लेट
52453 कालका-शिमला एक्सप्रेस कुमारहट्टी और जतोग में फंसी रही और यह ट्रेन 3.30 घंटे देरी से शिमला पहुंची। 52459 कालका-शिमला एक्सप्रेस तारोदेवी रेलवे स्टेशन पर करीब 3.27 घंटे रुकी रही। वहीं, 52455 हिमालयन क्वीन ट्रेन सुबह 11:55 बजे की बजाय 12:30 बजे शिमला की ओर निकली और हॉलीडे स्पेशल ट्रेन भी निर्धारित समय से तीन घंटे देरी से 3:35 बजे कालका से शिमला की ओर रवाना हुई। शिमला से चलने वाली 52458 शिमला-कालका एक्सप्रेस सुबह 10:55 बजे की बजाय 3.55 घंटे देरी से 2:50 बजे रवाना हुई। इसके बाद आने वाली अन्य ट्रेनें भी करीब 2 से 3 घंटे की देरी से कालका की ओर रवाना हुईं।
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