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आज सोलन में मूल प्रवाह एकता समाज नेपाली द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाया गया

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आज सोलन में मूल प्रवाह एकता समाज नेपाली द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाया गया पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है, जब पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी लड़कियां अपना आदर्श जीवनसाथी पाने की प्रार्थना करती हैं। यह त्योहार प्रकृति की हरियाली के साथ आता है और महिलाओं के लिए सजने-संवरने, गीत-संगीत और सामाजिक मेलजोल का अवसर होता है।
तीज क्यों मनाई जाती है:
धार्मिक महत्व:
यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक है। पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, और इस व्रत को उन्हीं की तपस्या की याद में किया जाता है।
विवाहित महिलाओं के लिए:
इस व्रत को करने से महिलाओं का सुहाग अखंड रहता है और उनका वैवाहिक जीवन सुखमय और समृद्ध होता है। महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करती हैं।
कुंवारी लड़कियों के लिए:
कुंवारी लड़कियां भी यह व्रत करती हैं ताकि उन्हें अपनी पसंद का आदर्श और गुणवान जीवनसाथी मिल सके।
प्रकृति का सम्मान:
हरियाली तीज मानसून के मौसम में आती है, जब प्रकृति में चारों ओर हरियाली छा जाती है। यह त्योहार प्रकृति की सुंदरता और ताजगी का भी प्रतीक है।

Vishal Verma

20 वर्षों के अनुभव के बाद एक सपना अपना नाम अपना काम । कभी पीटीसी चैनल से शुरू किया काम, मोबाईल से text message के जरिये खबर भेजना उसके बाद प्रिंट मीडिया में काम करना। कभी उतार-चड़ाव के दौर फिर खबरें अभी तक तो कभी सूर्या चैनल के साथ काम करना। अभी भी उसके लिए काम करना लेकिन अपने साथियों के साथ third eye today की शुरुआत जिसमें जो सही लगे वो लिखना कोई दवाब नहीं जो सही वो दर्शकों तक